Ch2-2. ऐसा विश्वास जो शहादत को गले लगा सकता है (प्रकाशितवाक्य २:१-७)

Episode 4 • December 08, 2022 • 00:53:36
Ch2-2. ऐसा विश्वास जो शहादत को गले लगा सकता है (प्रकाशितवाक्य २:१-७)
प्रकाशितवाक्य की किताब पर टिप्पणी और उपदेश - क्या मसीह विरोधी, शहादत, रेप्चर और हजार साल के राज्य का समय नज़दीक है? ( I )
Ch2-2. ऐसा विश्वास जो शहादत को गले लगा सकता है (प्रकाशितवाक्य २:१-७)

Dec 08 2022 | 00:53:36

/

Show Notes

हम में से अधिकांश लोगो के लिए, शहादत एक अपरिचित शब्द है, लेकिन जो एक गैर-मसीही संस्कृति में पले-बढ़े हैं, उनके लिए यह और भी अधिक अपरिचित है। निश्चित रूप से शब्द “शहादत” एक ऐसा शब्द नहीं है जिसका हम अक्सर अपने दैनिक जीवन में सामना करते हैं; हम शब्द से अलग और परे महसूस करते हैं, क्योंकि हमारे लिए अपनी वास्तविक शहादत की कल्पना करना काफी अवास्तविक है। फिर भी, प्रकाशितवाक्य की पुस्तक के अध्याय २ और ३ में इस शहादत की चर्चा है, और इसके वचन से हमें अपने हृदयों में शहादत का विश्वास स्थापित करना चाहिए—अर्थात वह विश्वास जिसके साथ हम शहीद हो सकते हैं।
रोमन सम्राट साम्राज्य के अपने लोगों के पूर्ण शासक थे। अपने अधिकार क्षेत्र पर पूर्ण अधिकार रखते हुए, वे अपने ह्रदय की इच्छा के अनुसार कुछ भी कर सकते थे। कई युद्ध लड़ने और जीतने के बाद, रोमन साम्राज्य ने अपने शासन के तहत अनगिनत राष्ट्रों को वश में कर लिया, जीते हुए राष्ट्रों द्वारा दिए गए उपहार के साथ खुद को समृद्ध किया। एक भी युद्ध नहीं हारे, छोटा राष्ट्र दुनिया के सबसे महान साम्राज्यों में से एक बन गया। केवल आकाश ही उस शक्ति की सीमा थी जिसे उसके सम्राट शासन करने के लिए आए थे। यह शक्ति इतनी महान थी कि अंततः लोगों द्वारा उन्हें जीवित देवताओं के रूप में पूजा जाने लगा।

 

https://www.bjnewlife.org/ 
https://youtube.com/@TheNewLifeMission 
https://www.facebook.com/shin.john.35 

Other Episodes

Episode 13

December 08, 2022 • 00:40:06
Episode Cover

Ch3-2. वे जिन्होंने अपने वस्त्र अशुध्द नहीं किए (प्रकाशितवाक्य ३:१-६)

यहाँ पद्यांश कहता है की, “पर हाँ, सरदीस में तेरे यहाँ कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपने–अपने वस्त्र अशुद्ध नहीं किए, वे श्‍वेत वस्त्र...

Listen

Episode 7

December 08, 2022 • 00:21:16
Episode Cover

Ch2-5. पाप से किसका उद्धार हुआ है? (प्रकाशितवाक्य २:८-११)

यह भाग एशिया माइनर में स्मुरना की कलीसिया को प्रभु का पत्र है, एक कलीसिया जो भौतिक रूप से गरीब थी, लेकिन फिर भी...

Listen

Episode 2

December 08, 2022 • 00:18:00
Episode Cover

Ch1-2. हमें सात युगों को जानना ही चाहिए (प्रकाशितवाक्य १:१-२०)

मैं उस प्रभु का धन्यवाद करता हूँ जो हमें इस अंधकारमय युग में आशा देता है। हमारी आशा यह है कि प्रकाशितवाक्य की पुस्तक...

Listen